इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है

नदिया बहती जाए इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है, नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है। एक चिनगारी कही से ढूँढ लाओ दोस्तों, इस दिए में तेल से भीगी हुई बाती तो है। एक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी, आदमी की पीर गूंगी ही सही, गाती तो है। एक चादर साँझ ने सारे... [पूरी पोस्ट]
writer Geetashree
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[14 Aug 2008 04:05 AM]

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