अयप्पा पणिक्कर की एक कविता

नदिया बहती जाए नदी किनारे तुम्हे याद है वह दिन जब तुम मुझे अपने गाँव नदी किनारे ले गए थे? कल मैं वहाँ पहुँची थी सपने में एक नाव आई तुम उससे उतर कर आए मैंने पूछाः- दोस्त तुम कहाँ चले गए थे? तुमने बस इतना ही कहाः- जरा टहलने गया था तो फिर अब लौट कैसे आए ? मैंने कहा तु... [पूरी पोस्ट]
writer Geetashree
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[17 Aug 2008 14:41 PM]

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