माँ

ढ़पली माँ" "गर खुदा कहे किज्न्नत का जलवा है मेरी पनाहों में... तो मैं कहूँ ,वहाँ भी किसी 'माँ' की हस्ती होगी,नज़ारे कितने भी हो मौसम-ए-दुनिया के रहबर, हर पहलू मे 'माँ' की कायनात होगी"... [पूरी पोस्ट]
writer अनुराग मिश्र
views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[28 Jun 2008 11:30 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix