मीरा : विचार से पर्दे तक का सफ़र [ Gulzar on the making of Meera ]
मीरा : विचार से पर्दे तक का सफ़रगुलज़ार(फ़िल्म पूरी होने से पूर्व १५ दिसम्बर १९७५ को लिखा आलेख, राधाकृष्ण पर प्रकाशित 'मीरा' से साभार)प्रेम जी आये एक रोज़ । सन १९७५ की बात है । साथ में बहल साहब थे - श्री ए.के. बहल । प्रेमजी ने बताया कि वह 'मीरा' बनाना चा...
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Pavan
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[27 Sep 2007 17:35 PM]



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