खर्ची
मुझे खर्ची में पूरा एक दिन, हर रोज़ मिलता हैमगर हर रोज़ कोइ छीन लेता है,झपट लेता है अण्टी से!कभी खीसे से गिर पढ़ता है तो गिरने कीआहट भी नहीं होती,खरे दिन को भी मैं खोटा समझ के भूल जाता हूं!गिरेबान से पकड़ के मांगने वाले भी मिलते हैं"तेरी गुज़री हुई पुश्तो...
[पूरी पोस्ट]
Pavan
7
0
0
0
0
[16 Apr 2008 04:14 AM]



Shuffle








