कहां से कहां ... तक
एक-दो रोज से काफी फ़ुर्सत में हूं। इसके बावजूद लिखने -पढ़ने जैसा कुछ नहीं हो रहा है। एकदम खाली होना भी निरस हो जाता है। दरअसल एक नौकरी छोड़कर दूसरी ज्वाईन करने की तैयारी है। इस वजह से भी दिमाग में तरह-तरह की उलझनें है और कुछ दूसरी परेशानी भी है। खैर ए...
[पूरी पोस्ट]
Samrendra Sharma
7
0
0
0
0
[25 Feb 2008 11:00 AM]



Shuffle








