उत्पाद .........
इल्जाम न लगाओ बेवफ़ा हैं हम दिल तुम्हारा चुरा कर तोड़ दिया हमने कभी पूछा मुहबत थी आप से हमें पूछोगे भी कैसे? और क्यों? उत्पाद जो समझ रखा हैं, आप और आपके समाज ने कास समझ पाते हमें आप हम स्त्री भी हैं प्राणी… "Aazd Sikander"...
[पूरी पोस्ट]
"Azad Sikander"
13
0
0
0
0
[28 Nov 2007 08:30 AM]



Shuffle








