कितना है दम चराग़ में तब ही पता चले
श्रद्धा जैन http://bheegigazal.blogspot.com कितना है दम चराग़ में तब ही पता चले फानू स की न आस हो , उस पर हवा चले फानू स = काँच का कवर लेता हैं इम्तिहान गर , तो सब्र दे मुझे कब तक किसी के साथ कोई रहनुमा चले नफ़रत की आँधियाँ कभी , बदले की आग में अब कौ...
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kavitaprayas
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[02 Jan 2009 21:20 PM]



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