खुले आसमान के नीचे हूँ मैं
राशी चतुर्वेदी कविता - http://poetrika.blogspot.com my art - http://rashichaturvedi.blogspot.com खुले आसमान के नीचे हूँ मैं अपनी मर्जी का मालिक हूँ मैं दिल जो चाहे करता हूँ मैं खुश हूँ की आज़ाद हूँ मैं। सुबह से लेकर शाम तक काम के बोझ से घायल हूँ मैं व...
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kavitaprayas
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[12 Feb 2009 01:52 AM]



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