घर... !

खिड़की से सटे पलंग पर मुँह बनाये लेटा है भाई... परदे के पार चूल्हे से जूझ रही है बहन... घुटनों पर तेल मल रही है बीमार माँ... और माथे पर हाथ धरे गहरी सोच में डूबे हैं पिता... सबके पास अपनी परेशानियाँ हैं अपने दुःख हैं... और अपना दुःख सबसे बड़ा होने की... [पूरी पोस्ट]
writer नीरज
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[29 Sep 2008 13:46 PM]

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