एक पैगाम
कल्पना हो कभी, और कभी जीवन का अटूट सच। सुर हो कभी, और हो खामोशियों में गूंजने वाली धड़कन भी। अपनी सी ही हो, और कभी अनजान खुशी की दस्तक जैसी। इससे पहले की तुम अपने दिल की बात कहो, मैं कहना चाहता हूँ की मेरे गाव का रास्ता एक टूटी पगडण्डी से होकर जाता ह...
[पूरी पोस्ट]
Piyush Aggarwal
11
0
0
0
0
[18 Nov 2008 09:01 AM]



Shuffle








