मल्ल युद्ध
मनोज भाई को बतकही के दौरान सुनना एक शानदार अनुभव है लेकिन पढ़ना तो बस कमाल है । तलवार की नोक से गुदगुदाने की कला जानते है, बशर्ते सुनने वाला लापरवाह न हो। मनोज मेहता आजकल इंडिया न्यूज में विशेष संवाददाता हैं। अपने संकलन से एक कविता हलफ़नामा के तौर पर...
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प्रभात रंजन
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[07 May 2008 11:15 AM]



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