पतझड़ के बाद का दुख
सुनन्दा राय -इलाहाबाद से ये कविताएं सुनन्दा ने भेजी है... एक हल्के से संकोच के साथ । लिखा है - कच्चा पका सा कुछ लिखती हूं , जिसे मुमकिन है लोग, कविता की श्रेणी में ना रखे - लेकिन पूरी होने के बाद तो कविता स्वायत्त होती है जिस पर लिखने वाले का भी कोई...
[पूरी पोस्ट]
प्रभात रंजन
4
0
0
0
0
[20 Aug 2008 13:00 PM]



Shuffle








