नक्शे पे अब कुछ नज़र नही आता-बाढ़ है या कि बिहार है क्या है ?

हलफ़नामा भूतनाथ वाया राजीव थेपरा (िजसने जहां से देखा...मंजर उसे उदास कर गया। बस एक तकलीफ ही है जिसे हम बांट रहे है...आपस मेें... अपनों से । इस उदासी को भी आपसे बांट रहा हूं, राजीव जी से बगैर पूछे। और इस आशा के साथ कि दुख की ये रात भी आखिरकार ढ़ल जाएगी) कई दिन... [पूरी पोस्ट]
writer प्रभात रंजन
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Sep 2008 08:13 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix