प्यार.......

pungibaaj शायद घर का काम ही उसकी जिन्दगी थी। सुबह पाँच बजे से चौका बासन करने में लग जाती थी। हमारे उठने के पहले तो घर के आधे काम ख़तम करके खाने की तैयारी में लगना आदत थी उसकी। बाबूजी सारे कामों में मदद किया करते थे, सुबह से ही पूछते कोई काम हो तो बताओ। पीछे से... [पूरी पोस्ट]
writer sanjeev persai
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[04 Mar 2009 02:36 AM]

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