राज दादा भाई साहब जरा सोचें
भारत मानुष विचार करें महाराष्ट्र में जो अलगाववादी बीज बो दिया गया है वह अब पल्लवित हो रहा है। धीरे धीरे यह बीज बंगलौर, कोलकाता एवं अन्य महानगरों में भी फैल सकता है। यह निश्चित रूप से भाषा और क्षेत्रीयता को आधार बनाकर किए गए राज्यों के निर्माण का दुष्...
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एस. कुमार
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[14 Feb 2008 00:58 AM]



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