खामोशी को तोड़ना पड़ेगा ।
हम बहुत दिन से खामोश थे कि वे जो कर रहे हैं वह अच्छा ही होगा। परंतु वे इतने कमीने निकले की हमारे अहसास उड़ गए। कहते हैं हम ही सच्चे देश भक्त हैं और सबसे अच्चे हैं। पर करते हैं केवल स्वार्थ पर राजनीति, हमें कहते है दोशी। खुद केवल देखते हैं निज फायदा क्...
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एस. कुमार
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[21 Jul 2008 01:09 AM]



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