गतांक से आगे...
अबतक आपने पढ़ा -एक खत अचानक मिलता है...उस सुबह...सी-१३ के दरवाजे पर अब आगे ...अलसाई भीगी औऱ सीली सुबह का मोह छोड़कर...लिहाफों की गरमाहट से बाहर निकलकर हॉट डिस्कशन का दौर शुरू....कुछ वाकई चिंतित तो कुछ के मन में बस ये चिंता सता रही थी कि आखिर अन्नू बा...
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मिहिर
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[31 Oct 2008 17:44 PM]



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