ये साल अच्छा है...
ढलती शाम की पीली-धुंधली-सिमटती सी धूप कई बार भीड़ में भी अकेलेपन का अहसास कराती है... खासकर अगर आप इंडिया गेट जैसी जगह पर हों तो अकेलापन आपको काटने भले ही नहीं दौड़े लेकिन दार्शनिक जरूर बना देता है....इत्तफाक से क्रिसमस वाले दिन मेरी छुट्टी थी...दिन...
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मिहिर
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[28 Dec 2008 12:47 PM]



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