रूप और गुण

प्रेरणा प्रख्यात दार्शनिक सुकरात शक्ल - सूरत से कुरुप था । वह रोज आईने में अपना चेहरा देखा करता था । एक दिन वह आईने में अपना चेहरा देख रहा था कि उस का शिष्य सामने आ खड़ा हुआ और अपने गुरु को आईने में चेहरा देखता देख कर मुस्करा उठा । सुकरात उसके मुस्कराने का का... [पूरी पोस्ट]
writer दिनेश शर्मा
views
15
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[01 Aug 2009 20:41 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix