तीन कुत्ते

समकाल तीन कुत्ते धूप खाते हुए बातें करते जाते थे । पहले कुत्ते ने मानो स्वप्न देखते हुए कहा, “वास्तव में यह बड़े आनन्द की बात है कि हम इस ‘श्वानयुग’ में पैदा हुए हैं। भला, सोचो तो सही,कितनी सहूलियत से हम लोग जल,थल और आकाश की यात्रा करते है... [पूरी पोस्ट]
writer chaupatswami
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[12 Feb 2008 06:53 AM]

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