हँसते हँसते

satyadev tripathi हँसते-हँसते’ में बैठना ‘फँसते-फँसते’ बन गया....” ‘हँसते-हँसते’ जैसा नाम...व कलाकारों में राजपाल यादव। हास्य-विनोद का अन्दाज़ हुआ था। और यही सबसे बडे धोखे निकले। न फिल्म में कुछ हँसते-हँसते होता, न एक बार भी हँसी आती। हँसाने के नाम पर बाप-बेटे-चाच की त... [पूरी पोस्ट]
writer satyadev tripathi

सिनमा

views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[02 Jun 2008 02:12 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix