संवेदनाएं प्रैक्टिकल हो रही हैं...!!
कल एम.ए.-द्वितीय वर्ष की मौखिकी (वाइवा) चल रही थी... एक लडकी आयी। चल नहीं पा रही थी। थोडी देर में अपनी साथी प्राध्यापिकाओं की बातों से समझ में आ गया कि गर्भवती है। ऐसे में मैं हर स्त्री के चेहरे पर ‘कामायनी’ के श्रद्धा वाले वर्णन का सच जाँचने लगता हू...
[पूरी पोस्ट]
satyadev tripathi
9
0
0
0
0
[19 Nov 2008 13:10 PM]



Shuffle








