मां से जाकर कह दूंगी....
वो वहां की थी जहां साधन थे लेकिन स्वतंत्रता नहीं। व्याकुलता थी लेकिन राहत का कोई उपाय नहीं। उसके पास पंख थे लेकिन उड़ने के लिए आसमान नहीं। वो चुप नहीं बैठी.... और अपने आस पास के बंधन तोड़कर खुले आसमान की ओर हसरत से देखने लगी। मां से जाकर कह दूंगी, बा...
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तरूश्री शर्मा
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[28 Jun 2008 05:21 AM]



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