ये मेरा...हां मेरा नाम है।
वो गुलाब के फूल थे, तेरी डायरी में लिखे, मेरे नाम से दिखते हर्फ़े, जो तेरी कसमसाहट बयां करते थे। हर शब्द पर कई कई बार फिरी कलम, और उसे गहरा बनाने की चाह में, एक दूसरे में गुंथे,लिपटे से अक्षर। इतनी कवायद से कागज पर- पहचान खो चुका नाम, तेरी भावनाओं की...
[पूरी पोस्ट]
तरूश्री शर्मा
12
0
0
0
0
[05 Jul 2008 04:12 AM]



Shuffle








