अरे बाप रे बाप एतना मनई

मैनें आहुति बनकर देखा.. अरे बाप रे बाप एतना मन ई .... देहात में कभी 'नाच' ( रामसंवारे की नौटंकी, रामगोपाल वर्मा की नहीं ) शुरू होता है, तो भांड ( जोकर ) का मंच पर आने के बाद पहला डायलाग यही होता है..... अरे बाप रे बाप एतना मनई.... वैसी ही कुछ मनःस्थिति मेरी भी हो रही है। इक... [पूरी पोस्ट]
writer कार्तिकेय मिश्र (Kartikeya Mishra)
views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[07 Nov 2008 10:56 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix