कभी तो........
जानवर~*~*~*~*~* रात में ख्यालों में आती हो तुम, कभी सामने आकर भी देखो! हम से बातें तो रोज करते हो तुम, कभी हमारी तरफ मुस्कराकर भी देखो! हमारी नज़र बहुत कुछ कह देती है, कभी हमें नज़रों से समझ कर तो देखो! हमसे दोस्ती का रिश्ता है तुम्हारा, कभी हम से दिल...
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गोविन्द K. प्रजापत "काका" बानसी
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[27 Apr 2009 09:08 AM]



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