जामिया नगर में भी 'जय हो'
गुलजार साहब और रहमान की 'जय हो' का लोहा सात समुंदर पार वे लोग भी मान गए जो 'जय हो'या यू कहें कि हमारी हिंदी से वाकिफ नहीं हैं। मैं तो कहूंगा कि 'जय हो' देश में मजहबी बाधाओं को भी खंडित कर दिया है। इस बात का मैं गवाह अचानक ही बन गया। दअसल मैं राजधानी...
[पूरी पोस्ट]
Avlokan
10
0
0
0
0
[01 Mar 2009 08:31 AM]



Shuffle








