सहारे की तरह
दिल भी है इक ख़ूबसूरत से इदारे की तरह लोग आते-जाते हैं पानी के धारे की तरह जब से ये संसार सारा हो गया है आसमां तब से है इन्सानियत टूटे सितारे की तरह चल सको तो तुम किसी के बन के उसके संग चलो वरना इक दिन छूट जाओगे सहारे की तरह दिल के रिश्तों को फरेबी उ...
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चिराग जैन CHIRAG JAIN
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[02 Apr 2009 22:24 PM]



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