इलाहाबाद प्रवास - १

कुछ तुम कहो कुछ हम कहे किसी कारणवश मै दो दिन के लिये इलाहाबाद प्रवास पर गया था । जिस स्थान पर मै ठहरा था वह सन्गम के अत्यन्त निकट और गन्गातट के ठिक सामने स्थित था,घर की छ्त पर बैठ कर हुम गंगा के विहन्गम रूप का दर्शन कर सकते थे ।मैं और मेरे एक रिश्तेदार जो कि दिल्ली से आए थ... [पूरी पोस्ट]
writer सुमित ठाकुर
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[02 Oct 2008 15:21 PM]

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