प्रकाश बादल की दो ग़ज़लें
शिमला में युवा पत्रकार एवं चर्चित गजलकार श्री प्रकाश बादल की चंद गजलों से रू-ब-रू होने का सुअवसर मिला। ब्लाग की दुनिया में इनकी सक्रियता प्रेरित करती हैं। पेश है श्री बादल की दो गजलें- 1. शिवालों मस्जिदों को छोड़ता क्यों नहीं। खुदा है तो रगों में दौड़त...
[पूरी पोस्ट]
रंजन राजन
ग़ज़लें
10
0
0
0
0
[09 Jun 2009 16:33 PM]



Shuffle








