प्रिया! घर आयेंगी...

मन की बात किये साज-श्रृंगार प्रिया! घर आयेंगी मन के खोले द्वार प्रिया! घर आयेंगी हृदय-तंतु झनझना उठेंगे शहनाई की तान सुनेंगे रोम-रोम पुलकित होगा खनकेगा तन का तार प्रिया! घर आयेंगी... मन मयूर नाचेगा उस क्षण देहरी लाँघ आओगी जिस क्षण भर आयेगा कंठ पुलक जाओगी बारम्... [पूरी पोस्ट]
writer Atmaram Sharma
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[12 Nov 2008 10:24 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix