बिन बुलायी, एक अपूर्ण कविता

कुछ तो है.....जो कि ! * आज व्याधिग्रस्त माया श्रीवास्तव धुर 5 बजे अवतरित हुईं, टालने का प्रश्न नहीं.. पर थोड़ी व्यग्रता थी क्योंकि यह आज के परामर्श समय की अंतिम बेला थी, हिस्ट्री लेने के दौरान मेरे मुँह से ' परिवेश ' शब्द का उल्लेख  हुआ । बस, उनके पतिदेव महोदय ने मुझसे... [पूरी पोस्ट]
writer डा. अमर कुमार
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[11 Feb 2009 16:59 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix