राजनीतिक दल अब सियासी गिरोह
चुनाव के दौरान सियासी हुक्मरान जिस तरह की तकरीरें पेश करते हैं, ये लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक और घातक है। आचार संहिता को ताक में रखकर आवाम को जात -पात, कौम, धर्म और बिरादरी में बांटा जा रहा है। दल बाहुबल और पैसा देखकर अपना उम्मीदवार तय कर रहे हैं।...
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संध्या
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[19 Apr 2009 07:17 AM]



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