यह कैसा नाता!

संध्या अजमेर में नाता नाम की एक परंपरा है। इस परंपरा की शुरूआत बाल विवाह से होती है। गुड्डे-गुड़ियों की तरह ब्याह दिए गए बच्चे जब वयस्क हो जाते हैं और किसी कारणवश वह साथ नहीं रहना चाहते तो पंचायत महिला को अधिकार देती है कि कोई दूसरा मर्द उसे अपनी लुगायी बना... [पूरी पोस्ट]
writer संध्या
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[16 Aug 2009 10:56 AM]

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