अलसाई शाम...

खामोश पहलू ... शाहरुख़ खान की एक फ़िल्म का डायलोग है.. इतनी शिद्दत से मैंने तुझे पाने की कोशिश की है, हर ज़र्रे ने मुझे तुझसे मिलाने की साजिश की है. आज लग रहा है की इसमें कोई सच्चाई नही है.. जितनी शिद्दत से हम तड़प रहे हैं उतनी शिद्दत से तो कभी शहजादे सलीम अनारकली... [पूरी पोस्ट]
writer केतन कनौजिया 'शाइर'

तेरे लिए

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[17 Sep 2009 04:57 AM]

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