दूर रहकर भी मेरे पास हो तुम
दूर रहकर भी मेरे पास हो तुम। जिसको ढूंढू वही तलाश हो तुम। प्यार जो पहली-पहली बार हुआ, मेरे उस प्यार का अह्सास हो तुम। इस जहाँ में बहुत से चेहरे हैं, इन सभी में बहुत ही खास हो तुम। तेरा-मेरा मिलन तो फिर होगा, ऐ मेरे यार क्यों उदास हो तुम। तुमसे ही मेर...
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प्रसन्न वदन चतुर्वेदी
ग़ज़ल
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[20 Sep 2009 04:32 AM]



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