ग्यारहवीं कहानी - आँख मिचौली
आँख मिचौली कैंप डायरी पहला दिन जिस जगह हमने कैंप लगाया है, वह समतल जमीन का एक छोटा–सा टुकड़ा है। नीचे की तरफ पहाड़ी नाला और ऊपर की तरफ सड़क। आसपास ऊबड़–खाबड़ जमीन है जिस पर बेतरतीबी से जंगली झाड़ियाँ उगी हुई हैं। हालाँकि हमें यहाँ सिर्फ सात दिन रहना...
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सूरज प्रकाश का रचना संसार
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[28 Apr 2008 02:22 AM]



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