बारहवीं कहानी - रंग–बदरंग

सूरज प्रकाश का रचना संसार......... उन्हें दूसरे पैग से नशा होने लगा है। दिमाग में हल्की–हल्की सी झनझनाहट शुरू हो गयी है। कुछ भी सिलसिलेवार नहीं सोच पा रहे हैं। `ऑन द राक्स' व्हिस्की के गिलास पर बार–बार पानी की बूँदें जम जाती हैं। वे उन बूँदों को बड़ा होते और गिलास के पैंदे की तरफ तेजी... [पूरी पोस्ट]
writer सूरज प्रकाश का रचना संसार
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[05 May 2008 01:38 AM]

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