इस्लाम की व्याख्या !
आतंक के ग्रास बने तमाम मासूमों के नाम वक़्त फ़ज्र का मुअज़्ज़िन की सदा अस्सलातो-खैरुन-मिनन-नोम और तुम्हारा इस्लामिक बम आ गिरता है नमाज़ी-समेत मस्जिद हो जाती है शहीद। ऐ ! पाक हुक्मराँ व्याख्या करो अपने इस्लाम की। ( प्रात:काल की नमाज़ , अज़ान पुकारनेवाला ,...
[पूरी पोस्ट]
शहरोज़
10
0
0
0
0
[27 Jul 2008 18:50 PM]



Shuffle








