मेरे चमन को लगी ये किसकी नजर

POEM OF SOUL मेरे चमन को लगी ये किसकी नजर, किसने फैलाई दहशत की आग, गुलशन मेरा खामोश कर दिया, फैला के हर जगह, खौ़फ की हवा। आज तड़के आए थे सब अपने, पूछने मेरे दिल का हाल, अपने ही लगे गुनहगार मुझे, अपनों पर ही न किया ऐतबार। ऐ खुदा, ऐ मौला, ऐ परवरदिगार मेरे, बख्श मेर... [पूरी पोस्ट]
writer Nitish Raj
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[01 Oct 2008 20:30 PM]

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