अरे ये क्या हुआ....
नरेन्द्रनाथ के यह कहते ही की ..कोमल जी नहीं रहे. एक हाथ में तौलिया लिए मैं ठिठक गया। नरेन्द्र उस दर्दनाक घटना के बारे में बता रहे थे और मैं आगे की वो पुरी बदहवास तस्वीर बना रहा था। पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ। ऐसा भला कैसे हो सकता है। लेकिन उन्होंने...
[पूरी पोस्ट]
Pragati Mehta
9
0
0
0
0
[11 Jul 2008 06:34 AM]



Shuffle








