भोज घड़ी कोहडा .....
सचमुच यह वही कहावत है ' भोज घड़ी कोहडा रोपने वाली '। यानि जब पार्टी में सभी खाने आ जायें तो फ़िर खेत में सब्जी उपजाने की बात हो । इन दिनों बिहार के बाढ़ में कुछ ऐसा ही दिख रहा है। कोसी की विकराल भयावह धारा सभी को लीलने को बेताब है। कई लोग डूबकर मर चुक...
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Pragati Mehta
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[29 Aug 2008 00:02 AM]



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