हीरा एक मेरा भी बिक गया
एक रोशन दिन लगाया मैंने एक बाज़ार भी लोगो की चहल-पहल में कही चदते दिन की दोपहरी में ही सही शोरो के बीच सुरीले गीत थे वोही अपनों से दिखे कई चेहरे बस पूछा नही एक हीरा मैंने भी सजाया था बाज़ार में जी कहने को छोटा सा पर पुरी चमक थी बाज़ार की जल्दी में हिम्म...
[पूरी पोस्ट]
Dev
13
0
0
0
0
[17 Dec 2008 01:28 AM]



Shuffle








