अब और कार्बन छाप नहीं...

कुछ बातें... कभी कभी सोचता हूं जिंदगी बिल्‍कुल कार्बन छाप हो गई है। कभी कभी क्‍या आमतौर पर ऐसा अहसास होता है। कार्बन छाप लाइफ... बोले तो, जैसे कागज के नीचे कार्बन लगाकर जो लिखा जाए नीचे वाले पन्‍ने पर वही लिखा आ जाता है। वैसे ही सोमवार से शनिवार तक वही एक जैसी दि... [पूरी पोस्ट]
writer भारत मल्‍होत्रा
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[21 Mar 2009 12:38 PM]

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