मेरे आंसू उनकी हंसी...
हम रो पड़ते थे आंख में आंसू जिनकी देखकर, वो मुस्कुरा रहे हैं, रोता मुझको देखकर। क्या बिसरूं क्या याद करूं कोई बता दे मुझे, वो चूड़ी खनकाना तेरा या नाम लिखना रेत पर। बढ़ गया उस मोड़ से जहां हम थे मिले, अब ना आउंगा कभी उस राह पर मैं लौटकर। चलते रहे ताउ...
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भारत मल्होत्रा
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[11 Apr 2009 06:26 AM]



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