दिल्ली से दिल्लगी !!

पदमराग सुना था दिल्ली , दिलवालों की होती है हर तीसरा सा आदमी, सीप में एक मोती है। हम भी थे दिलवाले, सो आ गए यहाँ पर सोचा की क़द्र होगी, जाए जहाँ-जहाँ पर , पर हाए रे मेरी किस्मत! यहाँ भी दगा दे गई मेरे आने से पहले ही दिल्ली , दिलवालों से खाली सी हो गई । अब त... [पूरी पोस्ट]
writer मनोज द्विवेदी
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[26 Feb 2009 08:23 AM]

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