नोट-तंत्र के महापर्व में थोड़ा-थोड़ा ...
बुद्धू बक्से के खबरिया चैनल में बुद्धिमान एंकर के मुखार्बिंदु से निकालने वाले एक-एक शब्द ह्रदय में शूल से चुभते हैं। मुझे तो चुभते हैं औरों का पता नही, लेकिन उम्मीद है के उन्हें भी ऐसा ही महसूस होता होगा जैसा मुझे। जबसे लोकतंत्र के चुनावी बिगुल की दु...
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मनोज द्विवेदी
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[20 Mar 2009 02:52 AM]



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