पागल ये मन

अपूर्ण पगला ये मन भटकता ही फिरे जाने क्या आस है कोई तो प्यास है कुछ तलाश है खोजता ही रहे चाहे क्या ये पागलSSSSS पगला ये मन ............. बैठा रहे कहीं खोया सा गुम कहीं जाने कुछ भी नहीं चैन पल भर नहीं भटके भटके पागलSSSSS पगला ये मन .......... चाहे इसको कभी च... [पूरी पोस्ट]
writer निपुण पाण्डेय
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[02 Jul 2009 03:10 AM]

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