किस ओर ?

अपूर्ण कायर खुद को झकझोर कहूँ या विधि के विधान का जोर कहूँ? हिला स्वयं के अंतर्मन को श्वेत वस्त्र में लिपटा चोर कहूँ ? चाहत को इस कह दूँ लोलुपता और स्वयं को लोभी, अधीर कहूँ? या मानव मन की आदत समझूँ और ब्रह्म सृष्टी की रीत कहूँ ? पल पल भटके मन जो मेरा पागल स... [पूरी पोस्ट]
writer निपुण पाण्डेय
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[08 Aug 2009 16:49 PM]

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